पुरुषों के इर्द-गिर्द एक झूठ का घेरा बना दिया जाता है जिसमें उन्हें जीवन भर रहना पड़ता है. ये झूठ का घेरा जिन विचारों और शब्दों से तैयार होता है, उनमें से कुछ हैं- मर्द को दर्द नहीं होता, लड़के रोते नहीं हैं, पुरुषों को डिप्रेशन नहीं होता, डिप्रेशन में जाने वाले पुरुष कमजोर होते हैं... https://ift.tt/eA8V8J https://ift.tt/3pHerKq